Hindi IC-33 notes Chapter - 15

 475

अगले अध्याय के लिए यहा क्लिक करे  

नैतिकता व् आचरण के नियम

 
  • मिस्टर शर्मा नवनियुक्त बीमा सलाहकार है अपने मालिक लक्ष्य को पूरा करने के लिए व् अपने ग्राहको को सिर्फ नये लाँच हुए प्लान के सिर्फ अच्छे पहलु ही बताते है यहाँ मिस्टर शर्मा का व्यहार अनैतिक है
  • यदि फ्री लुक पीरियड के दौरान पॉलिसी वापसी में बीमा पॉलिसी के में उल्लेखनीय रूप से कमी आये तो इसका अर्थ है कि कम्पनी द्वारा नैतिक व्यहार में सुधार हुआ है
  • जब एक सलाहकार अपनी बीमा पॉलिसी को किसी को समझता है तथा अपने कमीशन में से कुछ हिस्सा ग्राहक को देने को राजी होता है तो यह एक गलत प्रथा है
  • शंकर अमर को एक अवधि बीमा पॉलिसी व् यूनिट लिंक्ड पॉलिसी बेचता है अमर अविवाहित है तथा उस पर कोई आश्रित भी नहीं है अत: शंकर का कार्य बीमा पॉलिसी को जबरदस्ती बेचना है
  • जब बेचने के दौरान दीर्ध अवधि के जीवन बीमा पॉलिसी के पक्ष में अपर्याप्त जोर डाला जाता है यह प्राय: निरंतरता अनुपात
  • लाइसेंस युक्त बीमा सलाहकार होने के कारण पंकज को कोड ऑफ़ कन्डक को मानना पड़ेगा
  • राहुल एक लाइसेंस युक्त बीमा अभिकर्ता है एक अभिकर्ता के रूप में उसे अपनी भूमिका इरडा के नियमो के अंतर्गत निभानी चाहिए
  • ग्राहक को पॉलिसी के समस्त विस्तर्त विवरण से अवगत करना एक अनैतिक व्यहार नहीं है
  • नैतिकता को परिभाषित किया जा सकता है
  • वे मूल्य जिन्हें हम सामान्यत: अच्छा व् उचित मानते है
  • व्यहार जो व्यकित की नैतिक परख पर आधारित होता है
  • वह अध्ययन जो किसी के कार्य को गलत व् सही बनाता है
  • राजू एक अधिक्रत लाइसेंस धारी है तथा हर स्तिथि में उसे इरडा द्वारा प्रदान किया गया लाइसेंस अपने पास रखना चाहिए
  • इरडा ने सभी अभिकर्ताओ के लिए कोड ऑफ़ कंडक्ट बनाये है
  • ग्राहक की आवश्यकताओ का विश्लेषण करने के बाद अभिकर्ता ग्राहक को टर्म (term ) उत्पाद का विकल्प देता है किन्तु ग्राहक इंकार करता है नैतिक व्यहार पद्दति के अनुसार अभिकर्ता ग्राहक के इन्कार के बारे में पूछना चाहिए
  • यदि बीमा एजेंट का बिक्री लक्ष्य उल्लेखिनीय रूप से कम हो जाता है तो इसका चर्निग अतिविधियो पर अधिक प्रभाव पड़ता है
  • हॉस्पिटल केयर राइडर के अंतर्गत पे आउट में विशेष राशी को उन दिनों की संख्या के साथ गुणा किया जाता है जब पॉलिसी धारी हॉस्पिटल में भर्ती होता है
  • एक पॉलिसी को कंपनी द्वारा अस्वीकार किया जाता है तथा इस सुचना की एक प्रति ग्राहक को तथा एजेन्ट को सूचित करते हुए भेजी जाती है अब यह एजेन्ट का अगला कार्य है कि वह ग्राहक को अस्वीकृति का कारन देते हुए समझाए
  • बीमा सलाहकार की लिए चर्निग एक बुरी आदत है

अगले अध्याय के लिए यहा क्लिक करे