Hindi IC-33 notes Chapter – 11

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  • शुद्ध जोखिम बीमा योजना योग्य जो बीमा के अंतर्गत वर्गीक्रत है
  • यदि कोई व्यक्ति फरार हो जाता है तो 7 वर्षो बाद उसे मृत घोषित कर दिया जायेगा तथा बीमित राशी नामित को दी जायगी
  • बीमा कंपनी को दावे के निस्तारण में विलम्ब होने पर irda (इरडा ) दवारा बनाये नियमो के अनुसार 72% व्याज देना पड़ेगा यदि बैंक का ब्याज 52% है
  • परिवार फ्लोटर जीवन बीमा समस्त परिजनों को कवर करता है
  • तथ्यों की गलत प्रस्तुति वायदे बल संविदा के अंतर्गत आता है
  • 1872 के भारतीय गवाह अधिनियम के तहत 7 वर्ष बाद प्रेज्म्सन धारा ( presumption clause ) लागु होगी यह पता चलता है की व्यक्ति जिन्दा नहीं है
  • यदि एक व्यक्ति 100000 रुपये का बीमित राशी चाहता है तो आयकर को लाभ लेने हेतु उसका प्रीमियम 20000 या इससे कम होना चाहिए
  • यदि एक व्यक्ति अपनी पॉलिसी को जरी रखने की स्थिति में नहीं है तो उसके पास पॉलिसी को सरेंडर करने के अतिरिक्त पॉलिसी में छुट का विकल्प भी है
  • यदि एक व्यक्ति ने 1000000 की बीमित राशी का प्लान लिया है तथा 100000 का खतरनाक बीमारी का राइडर लिया है तथा उसे इसके तहत अस्पताल में भर्ती होना पडता है तथा 3 दिन बाद उसे क्रिटकल इल्नेश (critical illness ) व् विधि राइडर (term rider ) के लाभ मिलेंगे
  • यदि एक पॉलिसी धारी पॉलिसी के परिपक्व होने से पूर्व ही बीमित धारी या बीमित राशी का प्रतिशत ले रहा हो तो उसकी पॉलिसी मनी बैंक पॉलिसी होगी
  • यदि एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में म्रत्यु हो जाती है तो कोर्नोस रिपोर्ट ,पुलिस एफ आई आर व् पोस्ट मार्टन रिपोर्ट की आवश्यकता होती है तथा बीमा अभिकर्ता की गुप्त रिपोर्ट आवश्यकता नहीं है
  • परिपक्वता दावे की दशा में बीमा कोमप्न्य स्वय ही परिपक्वता दावे की प्रक्रिया की शुरुआत करती है
  • यदि एक व्यक्ति सोचता है की उसे अपने व् अपने परिवार के सदस्यों का बीमा करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उसके पास धन है तथा उसे किराया आदि स्रोत से भी धन की प्रेषित होती है तो इसका अर्थ है की वह अपने जोखिम को अपने पास ही रखना चाहता है तथा उसे बीमा कंपनी को हस्तांतरण नहीं करना चाहता है
  • निश्चित दुर्घटना म्रत्यु में बीमा लाभ समस्त बीमित राशी तथा दुर्घटना बीमित राशी के रूप में भुगतान किया जाता है
  • यदि दावे सबंधी समस्त दस्तावेज बीमा कंपनी को जमा किया जा चूका हो तो कंपनी को 30 दिनों के भीतर उस दावे का निपटन कर देना चाहिए
  • हॉस्पिटल केयर राइडर के अंतर्गत बीमा कंपनी इलाज का खर्च भुगतान करेगी यह राइडर के शर्तो व् नियमो के अनुसार होगा
  • इरडा के उपभोक्ता केयर केंद्र ओब्स्मैन एक ग्राहक उपभोक्ता मंच में भी किया जा सकता है
  • म्रत्यु सबन्धि सभी समस्त दस्तावेजो की प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर कंपनी को दावे का निपटान कर देना आवश्यक है
  • जब पॉलिसी खो जाती है तो बीमा कंपनी पूरी परिपक्वता दावे के निपटन में सावधानी कतरती है
  • शीघ्र म्रत्यु दावे की स्थति में विस्त्रत जाँच की जाती है
  • यदि एक व्यक्ति 20 वर्ष हेतु मनी बैक पॉलिसी लेता है तो तथा इस पर ऋण लेता है तथा परिपक्वता से दो वर्ष पूर्व उसकी म्रत्यु हो जाती है तो वह समस्त बीमा राशी + बोनस – लिया गया ऋण / प्रीमियम व् ब्याज के रूप में अपनी राशी पायेगा
  • यदि दो वर्षो के अंर्तगत दावा किया जाता है तथा जाँच करने पर पता लगता है कि बीमित व्यक्ति को केंसर था दावे का भुगतान नही किया जायेगा तथा उसे निरस्त कर दिया जायेगा
  • म्रत्यु दावे के समय जब उसकी पालसी संचालित नहीं होती है तो इसका भुगतान नहीं किया जायेगा
  • बीमित व्यक्ति के अनुग्रह की मांग को पूरा करने को बीमा पॉलिसी के अंतर्गत दावे के रूप में जाना जाता है
  • यदि एक व्यक्ति की कई बीमा पालिसियां लेता है तो उसके परिवार को समस्त पालिसियो हेतु म्रत्यु के दावे का भुगतान करना होगा
  • यदि एक व्यक्ति बीमित राशी से अधिक की राशी पता है तो यह उस पॉलिसी की भुगतान की प्रक्रति के कारण होता है
  • परिपक्वता दावे के नियमन की प्रक्रिया बीमा कंपनी द्वारा समय से पूर्व प्रारंभ कर दी जाती है
  • यदि एक व्यक्ति ने अवधि प्लान व् दुर्घटना राइडर का प्लान लिया है तो तो उसकी म्रत्यु की दशा में उसका नामित दोनों दावे प्राप्त करेगा
  • यदि पॉलिसी दस्तावेज कम्पनी द्वरा भेजे जाते है किन्तु पॉलिसी धारी को प्राप्त नहीं होते तो बीमा कंपनी पूरी बीमित राशी का भुगतान करना होगा
  • जब तक बीमित व्यक्ति के साथ घटना बीमा कम्पनी दावे का भुगतान नहीं करेगी
  • यदि पॉलिसी धारी द्वारा ऋण लिया गया हो तो दावे के समय राशी में से वह ऋण घटा दिया जायेगा
  • यदि ग्राहक 89 वे दिन मर जाता है तथा दावा भुगतान योग्य नहीं है तथा यह आत्महत्या का मामला है क्योंकि आत्महत्या की दशा में एक वर्ष हेतु दावे का भुगतान नहीं किया जाता
  • यदि एक व्यक्ति की ग्रेस अवधि के समाप्त के पूर्व म्रत्यु हो जाती है तो समस्त बीमित राशी उसके नामिनी को दे दी जाएगी
  • यदि एक पॉलिसी संचालित नहीं होगी तो अवधि प्लान (term rider ) में दावा भुगतान नही किया जायेगा
  • यदि किसी पॉलिसी के दावे के बारे में कोई विज्ञापन समाचार पत्र में प्रकाशित होता है तो यह उस दशा में होता है जब पॉलिसी खो जाती है
  • जारी करने के दो वर्ष बाद यदि दावा किया जाता है तो इसे समय पूर्व दावा कहा जाता है तथा भुगतान करने से पूर्व कम्पनी द्वारा समस्त जाँच की जाती है
  • बीमा कंपनी केवल म्रत्यु दावे के मामलो में जाँच करती है न कि परिपक्वता दावे के मामले में
  • जब दावे का निपटान हो जाता है अभिकर्ता के डी=कर्तव्य व् जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है
  • अविवाहित धरा के अंतर्गत यदि बीमा धारी द्वारा शर्तो का उल्लंघन किया जाता है तो बीमा कंपनी ग्राहक का प्रीमियम को अपने अधिकार में ले जाती है
  • दावे का भुगतान करते समय यदि पॉलिसी के जमानती बांड (indemnity bond ) की हस्ताक्षरित किया जाता है तो यह दर्शाता है कि पॉलिसी खो चुकी

 

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